टी डी कालेज में एन ई पी 2020 के परिप्रेक्ष्य में डिजिटल अधिगम पर संगोष्ठी सम्पन्न।
-
By
Admin
Published - 06 May 2026 5 views

जौनपुर। शिक्षक शिक्षा विभाग, तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जौनपुर के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय शैक्षिक संगोष्ठी "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में डिजिटल अधिगम: अवसर, चुनौतियाँ एवं प्रभाव" का सफलतापूर्वक समापन हुआ। संगोष्ठी का उद्देश्य डिजिटल अधिगम की समकालीन प्रवृत्तियों, अवसरों, चुनौतियों एवं शैक्षणिक प्रभावों पर गहन अकादमिक विमर्श को प्रोत्साहित करना था।

संगोष्ठी के अंतर्गत आयोजित विभिन्न तकनीकी सत्रों में 150 से अधिक शोध-पत्रों का वाचन किया गया, जिनमें डिजिटल लर्निंग, कक्षा शिक्षण में ICT एकीकरण, TPACK फ्रेमवर्क, एडाप्टिव लर्निंग, गेमीफिकेशन, MOOCs तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित शिक्षण जैसी उभरती प्रवृत्तियों पर व्यापक एवं सार्थक विचार-विमर्श हुआ।समापन सत्र अत्यंत विचारोत्तेजक एवं अकादमिक दृष्टि से समृद्ध रहा।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. एस. के. वर्मा विभागाध्यक्ष, जन्तु विज्ञान) ने प्रौद्योगिकी की अनिवार्यता एवं उसके बहुआयामी प्रभावों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने विशेष रूप से यह रेखांकित किया कि जहाँ तकनीक ने शिक्षा को अधिक सुलभ, सशक्त एवं व्यापक बनाया है, वहीं इसके अति-निर्भर उपयोग से मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक संबंधों एवं संवादात्मकता पर प्रतिकूल प्रभाव भी दृष्टिगोचर हो रहा है। उन्होंने डिजिटल युग में संतुलित, मानवीय एवं मूल्यपरक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया।

विशिष्ट वक्ता के रूप में प्रो. हरिओम त्रिपाठी (विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र विभाग) ने शिक्षा, समाज एवं प्रौद्योगिकी के अंतर्संबंधों को अत्यंत सारगर्भित उदाहरणों एवं संदर्भों के माध्यम से स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि तकनीकी परिवर्तन केवल शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संरचना, सांस्कृतिक मूल्यों एवं मानवीय अंतःक्रियाओं को भी गहराई से प्रभावित कर रहा है।
सत्र में उपस्थित विद्वानों ने संगोष्ठी के दौरान प्रस्तुत शोध-पत्रों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए डिजिटल अधिगम के क्षेत्र में सतत अनुसंधान, नवाचार तथा मानवीय मूल्यों के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।

संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्रो. सुधांशु सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि तकनीकी आधारित शिक्षा भविष्य के शैक्षिक परिदृश्य को दिशा प्रदान करेगी, अतः शिक्षकों को समयानुकूल दक्षताओं से सुसज्जित होना अनिवार्य है।
स्वागत उद्बोधन में प्रो. अजय कुमार दुबे ने शिक्षक शिक्षा में टेक्नो-पैडागोजिकल स्किल्स के विकास को केंद्रीय महत्व प्रदान करने पर बल दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रशान्त कुमार पाण्डेय द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया तथा संगोष्ठी की संयोजिका प्रो. श्रद्धा सिंह ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर आयोजन सचिव डॉ. अरविन्द कुमार सिंह, डॉ. राय साहब यादव, डॉ. निधि सिंह, डॉ. अंजू श्रीवास्तव सहित बी.एड., एम.एड. के विद्यार्थी एवं शोधार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
सम्बंधित खबरें
-
जौनपुर। बयालसी महाविद्यालय, जलालपुर, जौनपुर में बुधवार,को स्नातक एवं परास्नातक स्तर के विद्यार्थियों
-
जौनपुर। शिक्षक शिक्षा विभाग, तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जौनपुर के तत्वावधान में आयोजित दो दिव
-
जय प्रकाश मिश्रा✍️।जौनपुर। बदलापुर क्षेत्र के डड़वा गांव में श्री संकटमोचन हनुमान जी का नवनिर्मित भ
-
जौनपुर। शिक्षक शिक्षा विभाग, तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय शैक्
-
जौनपुर । नवागत जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन० ने आज जनपद में अपना कार्यभार ग्रहण किया । इस अवसर पर उन्हों
LIVE TV