हिन्दी दिवस पर विशेष:- निराला की कलम ✍️।
-
By
Admin
Published - 12 September 2026 8 views

हिन्दी दिवस पर विशेष:-
साल भर के बाद हिन्दी दिवस
फिर आ गया है,
हिन्दी और हिन्दीवालो'की दशा
देख घबरा गया है!
हिन्दी दिवस सिर आ गया है!!
कविवर बीच बाजार खडे हैं
ग्राहक खोज रहे है'
हाँ बिकने को तैयार खडे हैं
ग्राहक खोज रहे है
एक ही रचना एक ही रचनाकार
विमोचन बार२यश पा गया है!
हिन्दी दिवस फिर आ गया है!!
सम्मान पत्रो प्रशस्ति पत्रों की
गठरी,मालाओ'से मालामाल
महाजनों के द्वार पडे हैं
माता सरस्वती के लाल,
देख इनकी दीनता साहित्यिक
दर्पण भी शर्मा गया है !
हिन्दी दिवस फिर आ गया है!!
कला भिखारन बनी सडक पर
भीख भीख चिल्लाती है,
पद-कुर्सी के गायन गा कर
कविता उमर चलाती है,
युग का गायक घूम घूम चिल्ला
गया है!
हिन्दी दिवस फिर आ गया है!!
निदेशक और निर्देशक का
मालूम नहीं है जिनको अंतर
वे समाज को सिखला रहे हैं'
लोकतंत्र का जादू-मंतर,
गणतंत्र के चौथे स्तम्भ की विश्व-
सनीयता का संकट गहरा
गया है!
हिन्दी दिवस फिर आ गया है!!
वाणी सुत ,हिन्दी प्रेमी हो तो
इसका प्रमाण देना होगा,
हिन्दी के कल्याण और उत्थान
हेतु संकल्प तुम्हे लेना होगा
हिन्दी के रक्षण संरक्षण संवर्धन
का भार तुम्ही'पर आ गया है
हिन्दी दिवस फिर आ गया है!!
सम्बंधित खबरें
-
जौनपुर। राजा श्रीकृष्ण दत्त इंटर कॉलेज का स्थापना दिवस एवं वार्षिकोत्सव शनिवार को विद्या
-
हिन्दी दिवस पर विशेष:-साल भर के बाद हिन्दी दिवस फिर आ गया है,हिन्दी और हिन्दीवाल
-
भाग्यं फलति सर्वदा....!स्वजनों और परिजनों नेमाथे पर तिलक-अक्षत लगाया....दरवाजे पर पानी से भरा....फूल
-
बिहार। आजकल हर टीवी चैनल, अखबार और मोबाइल की स्
-
प्रदीप कुमार नायक (स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार)बिहार। मधुबनी जिला का राजनगर एक समय म
-
प्रयागराज। भारतीय चिंतन में शिक्षा कभी भी केवल रोजगार का साधन नहीं रही। वह सृष्टि के ऋत को धार
LIVE TV