दीपावली पूजन विधि को लेकर शंका समाधान:- पंडित मनोज त्रिपाठी ।
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Published - 06 November 2026 13 views

शंका समाधान(पंडित मनोज त्रिपाठी )✍️।
प्रयागराज। संम्पूर्ण सृष्टि को संचालित करने की अद्भुत क्षमता की अधिष्ठात्री देवी महामाया मां राजराजेश्वरी महालक्ष्मी की आराधना का महापर्व दीपावली कार्तिक कृष्ण पक्ष अमावस्या 8 नवंबर 2026 दिन रविवार को मनाई जाएगी।
इस वर्ष दीपावली में भगवान गणेश व महामाया लक्ष्मी के पूजन का विशेष मुहूर्त निम्नलिखित हैः-
विशेष शुभ मुहूर्त:-
(१)सुबह:- 11.48 से 12.33 तक- अभिजीत मुहूर्त।
(२)सायंकाल:- 05.34 से रात्रि 08.10 तक- प्रदोष काल मुहूर्त।
(३)अर्धरात्रि:- 12.05 से रात्रि 02.20 तक- निशिथ काल।
ब्यापारिक स्थिर लग्न मुहूर्त:-
(१)दोपहर:- 01.23 से 02.53 तक- कुंभ लग्न।
(२)शाम:- 05.56 से रात 07.54तक- वृषभ लग्न।
(३)अर्धरात्रि:- 12.26 से 02.40 तक- सिंह लग्न।
देवी महालक्ष्मी,श्रीगणेशजी, श्री सरस्वती जी, श्री हनुमंत लाल जी महाराज, श्री कुबेर जी।

महाराज,लेखनी व चौपड़ा पूजन की बिधि:-
दिपावली पर घर को स्वच्छ कर पूजा-स्थान को भी पवित्र कर लें एवं स्वयं भी स्नान आदि कर श्रद्धा-भक्तिपूर्वक अपने मूहुर्त के समय शुभ मुहूर्त में महालक्ष्मी व भगवान श्रीगणेश की पूजा करें।
- दीपावली पूजन के लिए किसी लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़े के पवित्र आसन पर गणेशजी के दाहिने भाग में माता महालक्ष्मी,सरस्वती, कुबेर जी,हनुमानजी की मूर्ति स्थापित करें।संम्मुख ही कुबेर की रेशमी लाल थैली पर कुबेर की लक्ष्मी थैली में रखी जाने वाली अधोलिखित सामग्री रखेंः-
लक्ष्मी पोटली प्रयोग सामाग्री:-
(१)पीली कौड़ी २।
(२)मोती शंख १।
(३)गोमती चक्र ५।
(४)सफेद कौड़ी २।
(५)एकाक्षी लघु श्रीफल १।
(६)मुक्ता मणि(मोती) १।
(७)समुद्री झाग १ टुकड़ा।
(८)समुद्री सीप १ ।
(९)कमल गट्टा ९ दाना
(१०)काली हरिद्रा २।
(११)सुपारी १।
(१२)बिल्व फल १ टुकड़ा।
(१३)स्त्री लौंग ९।
(१४)सूखा आंवला १टुकड़ा।
(१५)शतावरी ५।
(१६)त्रि-चिरमी ५ प्रत्येक।
(१७) ज्वार पोखरा १टुकड़ा।
(१८)लक्ष्मी कौड़ी १।
(१९)पीला हरिद्रा २।
(२०)स्फटिक मणि १।
(२१)चांदी का त्रिकोण टुकड़ा १।
(२२)देसी कर्पूर २०ग्राम।
(२३) रक्त चंदन १० ग्राम।
(२४)अखंडित अक्षत पीला १० ग्राम।
(२५)अखंड धनिया१० ग्राम।
(२६)केशर १ ग्राम।
(२७)चंदन इत्र १।
(२८)रेशमी लाल वस्त्र की पोटली।
(२९)गेहूँ १० ग्राम।
(३०)गोलोचन १ग्राम।
सभी देवी देवताओं व उपरोक्त सामग्री की षोडशोपचार पूजन कर सभी देवी देवताओं की यथा शक्ति भोग प्रसाद अर्पित कर मां से अपने निरंतर अभ्युदय के लिए प्रार्थना व आशीर्वाद की कामना करें।

9 नवंबर 2026 दिन सोमवार को प्रातः पुरानी कुबेर की थैली में से चांदी के सिक्के व मूल्यवान धातु को निकाल कर नए कुबेर की थैली में रखकर तथा कुबेर की थैली में लक्ष्मी पोटली की सभी सामग्री भरकर मां को अर्पित कर अपने धन संपदा के स्थान की तिजोरी में स्थापित कर दें।
बाकी बची पुरानी कुबेर की थैली को अन्य सामग्री के साथ बहते हुए जल में विसर्जन कर दें।
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